लेखनी कहानी -16-Feb-2022
नज़्म
महोब्बत के सफर में धूप तो होगी,
तुम मेरी जुल्फों के साए में आ जाना ।
कभी जो जिंदगी के सर्द गर्म मौसम में ,
तुम्हें तकलीफ हो तो मेरी नरम बाहों में सो जाना।
चले हैं साथ इस सफर में हम दोनों,
तो मंजिल अपना पता खुद देगी।
बस इस सफर में कहीं साथ ना छोड़ जाना,
मैं जानती हूं मेरी जान तुम्हें तलाश है मोहब्बत की।
बस तुम मेरी मोहब्बत की बस्ती में बस जाना,
सुनो मेरे दिल के चैन मैं तुम्हें मोहब्बतों से सवार दूंगी,
बस तुम पूरी तरह से मेरे हो जाना।
नाम सफिया सिद्दीकी
Dr. Arpita Agrawal
16-Feb-2022 06:34 PM
वाह
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Kahani sharma
16-Feb-2022 11:43 AM
Wah
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